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Wednesday, June 3, 2026

सुपौल में बिना लाइसेंस चल रही आइसक्रीम फैक्ट्रियां: सेहत से खिलवाड़ का आरोप, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

सुपौल| जिले के राघोपुर प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से चल रही अवैध आइसक्रीम निर्माण इकाइयों को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ये फैक्ट्रियां बिना किसी वैध लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की परवाह किए बिना चलाई जा रही हैं। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से जांच कर इन अवैध इकाइयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राघोपुर थाना क्षेत्र के हरिपुर, हुलास, गढ़ी, पिंगलास और राघोपुर पंचायत में इस समय करीब एक दर्जन छोटी-बड़ी आइसक्रीम फैक्ट्रियां एक्टिव हैं। आरोप है कि इनमें से अधिकांश के पास खाद्य सुरक्षा विभाग की आवश्यक एनओसी (NOC) या लाइसेंस मौजूद नहीं है। इसके बावजूद इन असुरक्षित फैक्ट्रियों में तैयार आइसक्रीम को खुलेआम स्थानीय बाजारों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के बीच बेचा जा रहा है।

मामले की जमीनी पड़ताल के दौरान जब हरिपुर पंचायत के हनुमाननगर (वार्ड-8) स्थित एक आइसक्रीम इकाई के संचालक से बात की गई, तो उसने खुद माना कि उसके पास किसी भी सरकारी विभाग का लाइसेंस नहीं है। संचालक का कहना था कि वह पिछले दो साल से यह कारोबार कर रहा है, लेकिन उसे लाइसेंस लेने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में कई अन्य लोग भी इसी तरह बिना कागजात के धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं।

बिना लाइसेंस के अलावा ग्रामीणों ने इन निर्माण स्थलों पर फैली गंदगी और स्वच्छता व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि आइसक्रीम बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल विंग, रंग, फ्लेवर और अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है, जिससे खासकर बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा कुछ संचालक बड़े और नामी ब्रांड्स से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को धोखा भी दे रहे हैं।

इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए वीरपुर के एसडीएम नीरज कुमार ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है और इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि कोई भी फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस या तय मानकों के उल्लंघन करते हुए पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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