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Wednesday, April 22, 2026

PWD के तीन अधिकारी रिश्वत लेते ट्रैप, 2.50 लाख रुपये बरामद

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक करते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा है। गिरफ्तार अधिकारियों में एक कार्यपालन यंत्री (EE), एक एसडीओ (SDO) और एक उपयंत्री (Sub-Engineer) शामिल हैं।

भ्रष्टाचार का जाल: बिल पास करने के बदले मांगा ‘कमिशन’
यह पूरा मामला एक सड़क निर्माण के बिल भुगतान से जुड़ा है। घटनाक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
शिकायतकर्ता: धार निवासी राजपाल सिंह पंवार (संचालक, पटेल श्री इंटरप्राइजेस)।
प्रोजेक्ट: मैथवाड़ा-फोरलेन पहुंच मार्ग का निर्माण (लागत करीब 4.73 करोड़ रुपये)।
मांग: 4.51 करोड़ रुपये के अंतिम बिल भुगतान के बदले अधिकारियों ने कुल 3.50 लाख रुपये के कमिशन की मांग की थी।

लोकायुक्त का जाल: कहां और कैसे हुई गिरफ्तारी?
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी:
जयदेव गौतम (EE): इन्हें इनके शासकीय निवास से 1.50 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।
टीके जैन (SDO): इन्हें कार्यालय परिसर के पोर्च में 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया।
अंशु दुबे (उपयंत्री): इन्होंने भी 1 लाख रुपये मांगे थे। हालांकि, मौके पर पूरी राशि उपलब्ध न होने के कारण इन्होंने पैसे नहीं लिए, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर इन्हें भी आरोपी बनाया गया है।

इंदौर लोकायुक्त के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम और नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018: धारा 7, BNS 2023: धारा 61(2)

इस सफल ट्रैप को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और विवेक मिश्रा शामिल थे। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख और डीआईजी मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

यदि कोई सरकारी अधिकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं, तुरंत लोकायुक्त या भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो को सूचित करें।

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