रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया है। आंदोलन के 22वें दिन शनिवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने जयपाल स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर प्रेस वार्ता कर आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की। मंच ने कहा कि यदि तय समय तक सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों के साथ रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि अब आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास के घेराव के कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचेंगे। छात्रों ने कहा कि वे अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका को लेकर भी विरोध दर्ज कराएंगे।
आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा, 11वीं-13वीं जेपीएससी बैकलॉग परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करना तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना शामिल है। मंच का आरोप है कि परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है। छात्रों ने सरकार से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्र नेता पीयूष ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार संवाद और वार्ता की बात कही जा रही है, लेकिन लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि धरना लगातार जारी है और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इसके बावजूद प्रमुख मांगों को लेकर सरकार की ओर से निर्णायक पहल नहीं होने के कारण छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अब छात्र आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के लिए मजबूर हैं।
वहीं, रविंद्र पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से ऑडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की थी और विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा भी की थी। लेकिन छात्रों को केवल बयान या आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसे सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर समर्थन वापस लेने की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस के खिलाफ भी आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
रविंद्र पासवान ने कहा कि आगामी दिनों में आंदोलन का स्वरूप और कड़ा होगा। उन्होंने कहा कि मंच अब तक महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप आंदोलन कर रहा था, लेकिन आगे का आंदोलन भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित होगा। छात्रों ने पेपर लीक, कथित परीक्षा अनियमितताओं और नौकरी में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि सरकार इन मामलों में कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है तो मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। छात्रों ने दोहराया कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
