पलामू । झारखंड-बिहार की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए पलामू पुलिस अब अपनी निगरानी बढ़ाने जा रही है। पलामू के नवनियुक्त एसपी कपिल चौधरी ने मंगलवार को बिहार सीमा से सटे हरिहरगंज, छतरपुर और पड़वा थाना क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अंतरराज्यीय (Interstate) बॉर्डर और नेशनल हाईवे पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु: बॉर्डर और हाईवे पर चौकसी
पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार इन क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे एसपी कपिल चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम रणनीतियों पर चर्चा की:
इंटरस्टेट चेक पोस्ट: हरिहरगंज में बिहार के औरंगाबाद से सटे बॉर्डर पर तैनात पुलिस बल को आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्धों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
नेशनल हाईवे पर गश्त: हरिहरगंज और छतरपुर नेशनल हाईवे के किनारे स्थित हैं, जो सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यहाँ पुलिस गश्त बढ़ाने को कहा गया है।
नक्सल विरोधी अभियान: यह पूरा क्षेत्र नक्सल गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। एसपी ने इन इलाकों में संचालित पुलिस पिकेट्स को हाई अलर्ट पर रहने और बिहार के गया व औरंगाबाद सीमा पर तालमेल के साथ अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सुरक्षा का सबसे मजबूत किला है छतरपुर अनुमंडल
पलामू जिले में सुरक्षा के लिहाज से सबसे अधिक पुलिस बल छतरपुर पुलिस अनुमंडल में तैनात है। हरिहरगंज और छतरपुर के रास्ते ही बिहार और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग झारखंड में प्रवेश करते हैं। यह इलाका बिहार के सीमावर्ती जिलों से सटा होने के कारण नक्सल विरोधी अभियानों के लिए ‘लॉन्च पैड’ माना जाता है।
निरीक्षण के बाद एसपी कपिल चौधरी ने स्पष्ट किया कि बॉर्डर पर निगरानी बढ़ने से न केवल अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि अपराधियों के भागने के रास्ते भी बंद होंगे। उन्होंने थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाने की भी हिदायत दी।
पलामू पुलिस की इस सक्रियता से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा और अवैध तस्करी व नक्सल संचरण पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

