रांची । झारखंड की राजधानी में भीषण गर्मी की आहट के साथ ही रांची नगर निगम (RMC) ने शहर में जल संकट को रोकने के लिए कमर कस ली है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में निगम ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के हर इलाके में जलापूर्ति को सुचारू बनाए रखना है।
नाइट रिफिलिंग: रात में भरे जाएंगे पानी के टैंक
शहर में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए निगम ने ‘नाइट रिफिलिंग’ अभियान शुरू किया है:
क्या है योजना: शहर के उन इलाकों में जहाँ एचवाईडीटी (HYDT) और मिनी एचवाईडीटी फिलहाल तकनीकी कारणों से काम नहीं कर रहे हैं, वहां रात के समय टैंकरों के माध्यम से पानी भरा जा रहा है।
क्षमता: निगम क्षेत्र में कुल 181 HYDT और 1611 मिनी HYDT स्थापित हैं।
प्रमुख इलाके: चिरौंदी, पीस रोड, वर्धमान कंपाउंड, कांटाटोली, किशोरगंज, यमुना नगर और इरगुटोली जैसे वार्डों में यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
फायदा: रात में रिफिलिंग होने से दिन के समय नागरिकों को बिना किसी बाधा के पानी उपलब्ध हो सकेगा।
अवैध कनेक्शनों पर निगम का ‘हंटर’
जलापूर्ति के साथ-साथ नगर निगम ने ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है।
वार्डों पर नजर: वार्ड संख्या 1 से 5 और 30 से 33 (जोन-1) में सीवरेज और ड्रेनेज कार्य के दौरान कई अवैध कनेक्शन पाए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी: बिना अनुमति मैनहोल या इंस्पेक्शन चैंबर में घरों का पानी जोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नुकसान: नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध कनेक्शनों की वजह से ही सड़कों पर जलजमाव और ओवरफ्लो की समस्या पैदा होती है, जिससे पूरी ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित होती है।
शिकायत के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी किया है। यदि किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है या अवैध कनेक्शन की जानकारी देनी है, तो नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
टोल फ्री नंबर: 1800-570-1235
नगर आयुक्त का संदेश: “नाइट रिफिलिंग व्यवस्था को सुचारू किया जा रहा है ताकि गर्मी में किसी को दिक्कत न हो। साथ ही, अवैध सीवर कनेक्शन नियमों का उल्लंघन है और ऐसे दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

