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Friday, July 3, 2026

नेपाल में स्कूली छात्रों को मिलेगा सैन्य प्रशिक्षण, राष्ट्रीय सेवा कोर विधेयक संसद में पेश

काठमांडू। नेपाल सरकार ने स्कूली छात्रों को सैन्य प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सेवा कोर (नेशनल सर्विस कॉर्प्स) गठन का प्रस्ताव रखते हुए संघीय संसद में एक विधेयक पंजीकृत किया है। प्रस्तावित कानून में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स के लिए भोजन, आवास, बीमा और सैन्य प्रशिक्षकों की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि यह विधेयक वर्तमान में अप्रभावी हो चुके राष्ट्रीय सेवा कोर कानून का स्थान लेगा और इसे नेपाल के संविधान तथा संघीय व्यवस्था के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति, सार्वजनिक सेवा की भावना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

कक्षा 8 से 12 तक के छात्र होंगे शामिल

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, सामुदायिक और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों के छात्र इस कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे। जूनियर डिवीजन में कक्षा 8 से 10 तक के 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के छात्र शामिल होंगे, जबकि सीनियर डिवीजन में कक्षा 11 और 12 के 16 से 21 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण दो चरणों में होगा। पहला चरण संबंधित स्कूलों में और दूसरा चरण राष्ट्रीय सेवा कोर के प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक सेवा, आधारभूत संरचना विकास, आपदा प्रबंधन, महामारी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में लगाया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री होंगे मुख्य संरक्षक

विधेयक में राष्ट्रीय आवश्यकता के समय सरकार को किसी भी नेपाली नागरिक या संस्था को प्रशिक्षण देने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों को राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रशिक्षित और परिचालित किया जा सकेगा।

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सेवा कोर के मुख्य संरक्षक होंगे, जबकि रक्षा मंत्री संरक्षक की भूमिका निभाएंगे। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में गठित निर्देशक समिति नीति निर्धारण करेगी, जिसमें सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और शिक्षा सचिव सदस्य होंगे।

इसके अलावा, सेना प्रमुख की सिफारिश पर सरकार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल में से एक को दो वर्ष के लिए कार्यकारी महानिदेशक नियुक्त करेगी। राष्ट्रीय सेवा कोर का मुख्यालय काठमांडू में होगा तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा और नियमों का उल्लंघन करने या शारीरिक एवं मानसिक रूप से अयोग्य पाए जाने पर छात्रों को कार्यक्रम से हटाया जा सकेगा।

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