सारण| जिले भर में गुरुवार को त्याग, समर्पण और इंसानियत का प्रतीक ‘ईद-उल-अजहा’ (बकरीद) का त्योहार पारंपरिक हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर जिले की विभिन्न मस्जिदों और शहर के साढ़ा ढाला स्थित मुख्य ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर बकरीद की विशेष नमाज अदा की।
देश में सुख-समृद्धि और भाईचारे के लिए उठीं दुआएं
नमाज के दौरान अकीदतमंदों ने देश और समाज में सुख-शांति, समृद्धि तथा मजबूत आपसी भाईचारे के लिए सामूहिक रूप से दुआएं मांगीं। नमाज मुकम्मल होने के बाद ईदगाह और मस्जिदों के बाहर उत्सव का माहौल दिखा, जहाँ लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर धर्मगुरुओं ने पर्व के रूहानी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्योहार हमें समाज में प्रेम, सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस
पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक और बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था (कानून-व्यवस्था) बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस पदाधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
अफवाहों को लेकर प्रशासन की सख्त हिदायत
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मस्जिदों तथा संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही सुरक्षाकर्मी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आए। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की टीमें लगातार गश्ती करती रहीं। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से त्योहार को शांति से मनाने की अपील की, साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त हिदायत दी।
