नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह 11 बजे राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों जैसे सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति से जुड़ी विशिष्ट हस्तियों और सफल महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाना है। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की महिलाओं को केंद्र में रखते हुए विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है और इसका मकसद निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के महत्व को उजागर करना है। इस पहल के तहत महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिकाएं पंचायत जैसे स्थानीय शासन संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय संसद तक हर स्तर पर प्रदर्शित की जाएंगी। कार्यक्रम सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के बाद आयोजित किया जा रहा है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण प्रदान किया गया है, जिसे भारत की राजनीति में परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है। अब पूरे देश में महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस विषय पर और गहराई से चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह सम्मेलन इस महत्वाकांक्षी कदम को गति देगा और सरकार के समावेशी नीति को और अधिक सशक्त बनाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यक्रम में भारत के भविष्य को बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी पर भी जोर दिया जाएगा। यह प्रयास देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर करने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसे ‘विकसित भारत 2047’ नाम दिया गया है। महिला-केंद्रित विकास को केंद्र सरकार ने हमेशा अपने विकास दृष्टिकोण का प्रमुख हिस्सा बताया है। इस सम्मेलन के माध्यम से समावेशी और टिकाऊ विकास के प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने की उम्मीद की जा रही है।

