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Thursday, April 16, 2026

सदन में गूंजी सोनिया की आवाज: महिला आरक्षण बिल पर घेरा, कहा—परिसीमन के नाम पर हो रही है देरी

नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीदल की अध सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि संसद ि में सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयकों का असली मुद्दा परिसीमन है, न कि महिला आरक्षण यह ी दावा किया कि परिसीमन का प्रस्ताव केवल अत्यधिक खतरनाक है, बल्ि संविधान पर सीधा हमला है ोनिय गांधी ने जोर देकर कहा कि लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित किसी भी िसीमन प्िा क केवल आंकड़ों के आध पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से न्यायपूर्ण होना चाहिए एक समचाआलेख में उन्होंने प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उनका असली मकसद जाति जनगणना में देरी करना और उसे पूरी तरह पटरी से उतारना है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेसत मेिधयकों को ्दबजीें पास करने क्रयास कर रहे हैं,ब तमिाडु पश्चिम बंग में चुनाव प्रचार चरम पर होगा गाधी ने इसेरकार ी राजनीतिक उठान और विपक्ष को रक्षत्थिति में की कोशिश बताय उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हमेशा की तरह सच्चाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं सोनि ने दिलाया कि सितंबर 2023 के विशेष सत्र में संसद नबि सहमति के नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को ारि किया था। इस कानून के ्यम े संविधान में अनुचछेद 334-A जोड़ा गया, जिसमें महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई षण िव्य किया गया था हालांकि, यह प्रावधान अगली जनगणना और उससे ुड़े परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद लागू होना था उन्होंने लिखा कि विक्ष ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी थी तव में, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की थी कि महिला आरक्षण 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू हो। लेकिन सरकार ऐसा करने पर सहमत नहीं हुईउनके असार अबनुच्छ 334-A में बदलाव किया जा रहा है ताकि महिलाओं का षण 2029 से लागू हो। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इस फैसले पआने में 30 महीने क्यों लगे और विशेष बुलाने पह कुछ सप्त इंतजार क्यों नहीं किया गया? सोनियगांधी ने भी बताया कि विपक्षी नेताओं ने सरकार को तीन बार पत्र लिखकर अनुिया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्त होने के बाद सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सर्वली बैठक बुलाई जाए लेकिन ि मांग को ठुकरा दिया गया इसके विपर, प्रधानमंत्री लेख लिखन और राजनीतिक दलों से अपील करन में जुट गए हैं, जो उनकी निर्णय लेने की प्रक्रिया और मेरी ्ज हीनून है’ वाले रवैये को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहाि पिछले 10 लों से ा समय पर हो ही ह इसकी वजह से 10 करोड़ से अधिक लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत अपकानूनधिकरों से ंचित हैं। सोनिय गांधी ने आर लग ि मोरक ने जनगणना प्रक्रिया को लगातार टाला, और अब पांच साल की देरी के बाद इसे शुरू ने का दावा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल जनगणन की घोषणा के बावजूद इसकी ंख्य2027 तक उपलब् होने की ावना ै। सनिया गांधी ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने एक पहले घोषणा की थी कि 2027 की जनगणना जाति आधारित होगी। लेकिन उन्होंने जाति जनगणना का र्थन करने ाल सवालों को खाििया इसक पक्षधर ेतपरर् नक् इंडसेट’ का ोप लगाया। उन्ोंने बिहार और तेलंगाना द्वारा किए गए जाति सर्वेक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह साबित होता है कि जाति जनगणना मेंहीं लगतसरकार इसे देरी के ने ोकही है। उन्हों सर आरोप लगाया कि इसका असली जाति जगणना को और टालन है।ोनियांधने यह भी बा कि संसद सत् शुरू होने से पहले अब तक सांसदों ाथ विशेष सत्र का कोई औपचारिक प्रस्ताव साझा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ्रत होतहै ि रिसीमन के िरक कुछ फॉर्मूने जा रही है। सोिया गांधी ने जोर देक कहा कि किसी भी परिसीमन सेहले जनगणना पूरी होनी चाहिए, और यह आवश्यक है कि लोकसभा सीटों की ्या बढ़ाने कीोई भी प्रक्रिया राजिकूप से निष्पक् और ुलित

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