रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रांची रेलवे स्टेशन पर नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ की टीम ने स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन से करीब 61 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30.50 लाख रुपये आंकी गई है। इस काले कारोबार में शामिल तीन अंतरराज्यीय तस्करों को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत रांची आरपीएफ फ्लाइंग टीम, आरपीएफ पोस्ट और अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने संयुक्त रूप से अंजाम दी है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार नियमित चेकिंग के दौरान ट्रेन संख्या 18309 संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-3 में तीन संदिग्ध युवक चार ट्रॉली बैग और तीन पिट्ठू बैग के साथ दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर तीनों घबराने लगे, जिसके बाद आरपीएफ ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों युवकों ने कबूल किया कि उनके बैगों में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। ट्रेन के खुलने का समय होने के कारण आरपीएफ टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों संदिग्धों को उनके सामान के साथ अगले स्टेशन यानी नामकुम रेलवे स्टेशन पर उतारा और वहां कानून के तहत उनके बैगों की तलाशी ली गई।
जांच और बैग खोलने पर उनके पास से 61 किलो गांजा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। पकड़े गए तस्करों की पहचान आयुष सिंह (22 वर्ष), प्रिंस कुमार (21 वर्ष) और अंकित पाठक (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले हैं। रांची आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त प्रताप सिंह नेगी के निर्देशन में जब ड्रग डिटेक्शन (डीडी) किट से बरामद पदार्थ की जांच की गई, तो उसके गांजा होने की पुष्टि हुई। आरपीएफ ने जब्त गांजे और अन्य सामान के साथ तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जीआरपी रांची को सौंप दिया है। इस सफल छापेमारी अभियान में इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, इंस्पेक्टर लालबहादुर, एएसआई योगेंद्र कुमार, अनिल कुमार, अभिषेक कुमार सहित आरपीएफ के कई जवान शामिल थे।
