रांची । भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय और रांची स्थित मुखर्जी पार्क में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
प्रदेश मुख्यालय के साथ-साथ झारखंड के सभी जिलों और विभिन्न मंडलों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
“एक देश में दो विधान, दो प्रधान…” का संकल्प हमारी प्रेरणा: आदित्य साहू
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने डॉ. मुखर्जी के जीवन को राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक बताया।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए डॉ. मुखर्जी का संघर्ष और उनका सर्वोच्च बलिदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
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आदित्य साहू ने उनके ऐतिहासिक नारे “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” को याद करते हुए कहा कि यह संकल्प राष्ट्रीय अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आज भी हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।
राष्ट्रहित की भावना ही डॉ. मुखर्जी की सबसे बड़ी विरासत: कर्मवीर सिंह
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
श्रद्धांजलि सभा में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
राजधानी रांची में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, भानू प्रताप शाही
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प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों तथा राष्ट्रवादी सिद्धांतों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और देश के स्वाभिमान को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
