30.4 C
Kolkata
Saturday, June 13, 2026

रामगढ़ अवैध खदान हादसा : भाजपा ने की डीसी-एसपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

रांची । रामगढ़ जिले में अवैध कोयला खदान हादसे में चार मजदूरों की मौत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घटना को प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताते हुए जिले के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के मंत्री तक प्रशासनिक तंत्र को प्रभावी ढंग से संचालित नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति बन गई है कि राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को स्वयं पलामू में छापेमारी करनी पड़ रही है, जो प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा खनन विभाग की समीक्षा बैठक कर अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कई बार अवैध खनन रोकने को लेकर कठोर कदम उठाने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद राज्यभर में अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है और माफिया बेखौफ होकर सक्रिय हैं।

साहू ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अवैध खनन के खिलाफ जारी किए जाने वाले निर्देश केवल औपचारिकता साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर होती तो समीक्षा बैठकों के बाद अवैध खनन से जुड़े माफियाओं और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई दिखाई देती। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि हालिया समीक्षा के बाद अब तक कितने अधिकारियों और खनन माफियाओं पर कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि रामगढ़ में यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष भी करमा परियोजना क्षेत्र में चाल धंसने की घटना में कई लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी। भाजपा का आरोप है कि गरीब मजदूरों को जान जोखिम में डालकर अवैध खदानों में काम कराया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में कोयला, बालू, पत्थर और अन्य खनिज संपदाओं के अवैध दोहन का नेटवर्क लगातार फैल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद, संताल परगना, रामगढ़ सहित कई जिलों में खनन माफियाओं ने अपना समानांतर तंत्र विकसित कर लिया है और सरकारी संरक्षण के बिना इस तरह का कारोबार संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह गंभीर जांच का विषय है कि जिस अवैध खदान में चार मजदूरों की मौत हुई, वहां लंबे समय से कोयला निकाला जा रहा था, तो संबंधित विभागों, पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। यदि जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि जानकारी नहीं थी तो यह उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध खनन के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और न्यायालयों तक को हस्तक्षेप करना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पाया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल खड़े करती है।

साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रामगढ़ हादसे में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने या लीपापोती करने का प्रयास किया गया तो भाजपा राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी। उन्होंने मृतक मजदूरों के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की।

Related Articles

नवीनतम लेख