कोलकाता : पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर पहले से जारी तनातनी के बीच नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया है। शुभेंदु ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री का काम युवाओं को रोजगार देना नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों का सौदा करना है।
IPAC कर्मचारियों को नौकरी देने के वादे पर विवाद
ताजा विवाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि राजनीतिक सलाहकार संस्था ‘आईपैक’ (I-PAC) अपने कर्मचारियों को काम पर नहीं रखती, तो राज्य सरकार उनके लिए नौकरी की व्यवस्था करेगी। शुभेंदु अधिकारी ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने राज्य में “नौकरियां बेचने की पटकथा” लिखी, अब मुख्यमंत्री उन्हें इनाम देने की तैयारी कर रही हैं।
‘योग्य अभ्यर्थियों का हक मारा गया’
शुभेंदु अधिकारी ने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार योग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने में पूरी तरह विफल रही है। अपनी राजनीतिक छवि बचाने के लिए मुख्यमंत्री लगातार झूठे आश्वासन दे रही हैं। सरकार की प्राथमिकता रोजगार सृजन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देना है।
गरमाई बंगाल की राजनीति
राज्य में शिक्षक भर्ती और अन्य सरकारी नियुक्तियों में कथित धांधली को लेकर सीबीआई और ईडी की जांच पहले से ही जारी है। ऐसे में शुभेंदु का यह बयान तृणमूल कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। शुभेंदु ने स्पष्ट कहा कि बंगाल की जनता अब जान चुकी है कि ममता सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
सियासी हलचल: मुख्यमंत्री के तारकेश्वर में दिए गए बयान के बाद विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर हमलावर है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

