कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनावी खेमे में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। टीएमसी की चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक (I-PAC) ने कानूनी कारणों का हवाला देते हुए अपने सभी कर्मचारियों को अगले 20 दिनों के लिए अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है।
ममता बनर्जी ने स्वीकारा, वैकल्पिक टीम सक्रिय
शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस ने इस खबर को ‘फर्जी’ करार दिया था, लेकिन रविवार शाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद स्वीकार किया कि आई-पैक ने फिलहाल काम रोक दिया है। पार्टी ने तुरंत अपनी ‘वैकल्पिक प्रोफेशनल टीम’ को मैदान में उतार दिया है। बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से संचालित होने वाली यह टीम अब बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल प्रचार की कमान संभालेगी।
मतदान से पहले बढ़ा तनाव
गुरुवार को राज्य की 152 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में आई-पैक के पीछे हटने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कई जिलों में आई-पैक कर्मचारियों के लिए वाहन और अन्य सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। ईडी (ED) की हालिया कार्रवाई के बाद संस्था के पदाधिकारियों पर दबाव बढ़ गया था। संस्था ने ई-मेल के जरिए अस्थायी रूप से काम रोकने की सूचना दी है।
‘किसी को बेरोजगार नहीं होने देंगे’: मुख्यमंत्री
आई-पैक कर्मचारियों के बीच फैली अनिश्चितता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक जनसभा में कहा, “हमारे लिए काम करने वालों को डराया जा रहा है। अगर आई-पैक उन्हें हटाती है, तो हम उन्हें काम देंगे। हम किसी भी युवक को बेरोजगार नहीं होने देंगे।”
बूथ स्तर पर नई रणनीति
तृणमूल की नई टीम ने मोर्चा संभालते ही व्हाट्सएप ग्रुप्स का जाल बिछाना शुरू कर दिया है। मतदान प्रतिशत से लेकर ईवीएम (EVM) सील होने तक की हर छोटी-बड़ी जानकारी अब इसी नई टीम के जरिए रियल-टाइम में मॉनिटर की जाएगी।

