वाराणसी/चंदौली । उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार देर रात कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस (13151) में एक यात्री की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह वारदात उस समय हुई जब ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन से वाराणसी की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद से पूरे रेल मार्ग और यात्रियों में भारी दहशत का माहौल है।
बाथरूम जाते समय मारी गोली
मृतक की पहचान बिहार के गया निवासी दिनेश शाह (42) के रूप में हुई है। दिनेश अपनी बहन और रिश्तेदारों के साथ सीतापुर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दिनेश कोच S-2 में सवार थे। रात करीब 1:35 बजे जब ट्रेन जंक्शन से रवाना होकर ‘ब्लॉक हट-बी’ के पास पहुँची, तभी किसी अज्ञात हमलावर ने बाथरूम की ओर जा रहे दिनेश को निशाना बनाया और गोली मार दी।
स्टेशन पहुँचते ही मचा कोहराम
गोली की आवाज सुनकर बोगी में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही ट्रेन को रात 2:42 बजे वाराणसी कैंट स्टेशन पर रोका गया, जहाँ जीआरपी ने शव को कब्जे में लिया। दूसरी बोगी में बैठे दिनेश के परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली, तो स्टेशन पर ही कोहराम मच गया।
जांच में जुटे आला अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा, क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह और आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस इस वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई हत्या मान रही है और इसके पीछे पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच की जा रही है।
गाजीपुर में भी हुई ऐसी ही वारदात
हैरानी की बात यह है कि इसी दिन एक और ट्रेन में खूनी खेल खेला गया। गाजीपुर-ताड़ीघाट पैसेंजर में भी बदमाशों ने एक यात्री (मंगरू, निवासी जमानिया) की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को चलती ट्रेन से फेंककर फरार हो गए। एक ही दिन में दो हत्याओं ने रेलवे के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

