हजारीबाग । जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत दनुआ घाटी में रविवार रात एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। ‘मौत की घाटी’ के नाम से कुख्यात इस ढलान पर एक के बाद एक छह वाहन आपस में टकरा गए। इस श्रृंखलाबद्ध टक्कर (Chain Reaction) में करीब 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे से मची अफरातफरी, थम गई जीटी रोड
जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुए सभी वाहन झारखंड से बिहार की ओर जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक वाहन सड़क किनारे पलट गया, जबकि कई अन्य वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद जीटी रोड पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई, जिससे करीब 3 से 4 घंटे तक यातायात ठप रहा।
घटना की सूचना मिलते ही चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार और चेक पोस्ट प्रभारी नीतीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के आने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया था। क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। सभी घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक अस्पताल चौपारण भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
तेज रफ्तार और ढलान बनी वजह
पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और घाटी में वाहनों का अत्यधिक दबाव नजर आ रहा है। दनुआ घाटी अपनी खतरनाक ढलान और मोड़ों के लिए जानी जाती है, जहाँ अक्सर ब्रेक फेल होने या नियंत्रण खोने से हादसे होते हैं।
थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि राहत की बात यह है कि हादसे में किसी की जान नहीं गई है। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया है और मामले की जांच जारी है।

