नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के हिसार और रोहतक के तीन अस्पतालों में 24 घंटे तक वेंटिलेटर सहायता नहीं मिलने के कारण एक नवजात शिशु की मौत की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
वेंटिलेटर नहीं मिलने से गई नवजात की जान
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नवजात का जन्म 1 जुलाई को हिसार के सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए हुआ था। जन्म के तुरंत बाद बच्चे को वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता थी। मां को सिविल अस्पताल में भर्ती रखा गया, जबकि नवजात को पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
बताया गया कि अग्रोहा में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं होने पर बच्चे को रोहतक स्थित पीजीआईएमएस भेजा गया। वहां भी वेंटिलेटर नहीं मिलने के बाद उसे वापस हिसार लाया गया और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं, तो यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर कमी और जीवन के अधिकार के संभावित उल्लंघन की ओर संकेत करता है। आयोग ने राज्य सरकार से पूरे घटनाक्रम, उपचार व्यवस्था, जिम्मेदारी तय करने और उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
