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Monday, June 15, 2026

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में गूंजेंगे राष्ट्रगान और भोजन मंत्र, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया शेड्यूल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति से गहराई से जोड़ा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश की सभी शालाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत और भोजन मंत्र सहित विभिन्न सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित और अनिवार्य संचालन के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीन सत्रों में बंटा होगा प्रार्थना का शेड्यूल

विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में सामूहिक प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी:

प्रातःकालीन सत्र (स्कूल प्रारंभ होने पर): सुबह की प्रार्थना सभा में क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र का पाठ होगा तथा इसके साथ ही देश के महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा।

मध्यान्ह सत्र (लंच टाइम): दोपहर के भोजन के समय सभी विद्यार्थियों द्वारा अनिवार्य रूप से सामूहिक ‘भोजन मंत्र’ का पाठ किया जाएगा।

संध्या सत्र (छुट्टी के समय): विद्यालय की छुट्टी होने से ठीक पहले सभी छात्र सामूहिक रूप से राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का वाचन करेंगे।

संस्कृति और नैतिक मूल्यों का विकास है मुख्य उद्देश्य

स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित संचालन से छात्रों में न केवल राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भावना मजबूत होगी, बल्कि वे अपनी समृद्ध भारतीय परंपराओं से भी परिचित हो सकेंगे। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को रोजाना स्कूलों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करना होगा। नियमों की अवहेलना या निर्धारित क्रम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन या प्राचार्यों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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