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Wednesday, May 13, 2026

मोहन बागान के ‘रत्न’ टुटू बोस का निधन, भारतीय फुटबॉल जगत में शोक की लहर; सीएम शुभेंदु ने जताया दुख

कोलकाता । भारतीय फुटबॉल और मोहन बागान क्लब के इतिहास के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। मोहन बागान के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज खेल प्रशासक स्वपन साधन बोस, जिन्हें दुनिया ‘टुटू बोस’ के नाम से जानती थी, का मंगलवार देर रात 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

सोमवार शाम को टुटू बोस को गंभीर हृदयाघात (हार्ट अटैक) के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल जगत और समर्थकों के बीच शोक छा गया है।

फुटबॉल प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव के जनक
टुटू बोस का जाना कोलकाता मैदान के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें भारतीय फुटबॉल में बड़े बदलावों का सूत्रधार माना जाता है। उन्हीं के कार्यकाल में मोहन बागान ने विदेशी फुटबॉलरों को टीम में शामिल करने की पहल की। नाइजीरियाई खिलाड़ी चिमा ओकेरी उनके प्रयासों से ही क्लब से जुड़े थे। क्लब की वित्तीय स्थिरता के लिए उद्योगपति संजीव गोयनका के साथ क्लब की हिस्सेदारी साझा करने का ऐतिहासिक (और चर्चित) निर्णय भी उन्हीं के समय लिया गया। पिछले वर्ष ही उन्हें क्लब के सर्वोच्च सम्मान ‘मोहन बागान रत्न’ से नवाजा गया था।

बहुआयामी व्यक्तित्व
फुटबॉल के अलावा टुटू बोस एक सफल व्यवसायी और मीडिया जगत का बड़ा नाम थे। वह राजनीति में भी सक्रिय रहे और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में राज्यसभा सदस्य भी रहे। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वे व्हीलचेयर पर थे, लेकिन क्लब के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ।

दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा:
“मोहन बागान और टुटू बोस एक-दूसरे के पूरक थे। खेल प्रशासन में उनका योगदान और उनकी दूरदृष्टि आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”

इसके अलावा राज्य के खेलमंत्री निशीथ प्रामाणिक और AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे ने भी उनके निधन को फुटबॉल के एक अध्याय का अंत बताया है।

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