कोलकाता । भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल चुनाव के अंतिम चरण की जंग जीतने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। शाह आगामी 27 अप्रैल यानी प्रचार के आखिरी दिन तक कोलकाता में ही रहकर कमान संभालेंगे। प्रदेश भाजपा नेताओं के अनुसार, 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले शाह की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगी।
मैराथन बैठक: रात 10 बजे से तड़के 2 बजे तक मथा गया चुनावी गणित
मंगलवार देर रात न्यू टाउन स्थित भाजपा कार्यालय में अमित शाह ने एक हाई-प्रोफाइल रणनीतिक बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक रात लगभग 9:45 बजे शुरू हुई और तड़के 2:05 बजे तक चली। इस मैराथन बैठक में शाह के साथ पार्टी के दिग्गज नेता भूपेंद्र यादव, बिप्लब देव, सुनील बंसल और अमित मालवीय भी मौजूद रहे।
13 जिलों की एक-एक सीट की हुई समीक्षा
शाह ने दूसरे चरण के तहत आने वाले 13 संगठनात्मक जिलों की प्रत्येक विधानसभा सीट की अलग-अलग समीक्षा की। बैठक के मुख्य बिंदु रहे:
सीटवार विश्लेषण: कहाँ भाजपा मजबूत है और कहाँ चुनौती बरकरार है।
अल्पसंख्यक प्रभाव: संबंधित क्षेत्रों में अल्पसंख्यक मतदाताओं के समीकरणों पर गहन चर्चा।
बूथ स्तर पर पकड़: अमित शाह ने जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को हर हाल में बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत करने का निर्देश दिया।
“जमीनी फीडबैक” पर फोकस
हालांकि अमित शाह के पास अपनी निजी रिपोर्ट मौजूद थी, फिर भी उन्होंने जमीनी स्तर पर काम कर रहे नेताओं से सीधा संवाद कर वास्तविकता जानी। बैठक में शामिल एक नेता ने बताया कि शाह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केंद्रीय नेतृत्व पूरी ताकत से बंगाल इकाई के साथ खड़ा है और हर कार्यकर्ता को जीत के संकल्प के साथ मैदान में उतरना है।

