लातेहार। लातेहार पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी रविंद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से एक एके-56 राइफल, एक पिस्टल, एक अन्य राइफल, 239 कारतूस तथा नक्सली गतिविधियों से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की गई है। रविंद्र गंझू चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला बांझीटोला गांव का निवासी है।
मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रविंद्र गंझू अपने घर आया हुआ है। इसके बाद कोबरा-209 बटालियन के उप कमांडेंट दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम ने घर की घेराबंदी कर बिना किसी नुकसान के उसे गिरफ्तार कर लिया।
16 वर्षों से माओवादी संगठन में था सक्रिय
एसपी ने बताया कि रविंद्र गंझू पिछले 16 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय था और संगठन का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था। उस पर 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। इसके अलावा लातेहार, पलामू, लोहरदगा, गुमला और रांची सहित विभिन्न जिलों के थानों में नक्सली हिंसा, हत्या, विस्फोट और हथियार लूट से जुड़े 154 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पूछताछ के दौरान रविंद्र से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
उग्रवादियों से आत्मसमर्पण की अपील
एसपी कुमार गौरव ने कहा कि सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों से माओवादी संगठन काफी कमजोर हुआ है। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की।
प्रेसवार्ता में मौजूद सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण का अवसर अभी भी खुला है, अन्यथा कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र गंझू से जुड़ी प्रमुख नक्सली घटनाएं
- 7 नवंबर 2011: राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में पुलिस दल पर हमला, बम विस्फोट में स्कूल भवन ध्वस्त और सात जवान घायल।
- 1 फरवरी 2012: घाघू में आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाया, तीन पुलिसकर्मी शहीद।
- 7 जनवरी 2013: कटिया जंगल मुठभेड़ में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद और 15 घायल।
- 12 जून 2013: कुमण्डीह रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी की आड़ लेकर करीब 45 मिनट तक पुलिस पर फायरिंग।
- 22 नवंबर 2019: चंदवा में पीसीआर वाहन पर हमला, चार गृहरक्षक शहीद और हथियार लूटे।
- 16 जनवरी 2021: बंदरलेटा जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट, जिसमें सांझो देवी की मौत हुई।
- 20 नवंबर 2021: डेमू-रिचुघुटा रेलखंड पर विस्फोट कर रेलवे पटरी को क्षतिग्रस्त किया।
- 14 मई 2022: लेवी नहीं मिलने पर बॉस्करचा संयंत्र में नौ वाहनों में आग लगा दी।
