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Tuesday, June 2, 2026

पूर्णिया के के.नगर प्रखंड कार्यालय में विजिलेंस का बड़ा छापा: 10 हजार रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

पूर्णिया । बिहार के पूर्णिया जिले अंतर्गत के.नगर प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की विशेष टीम ने जाल बिछाकर अंचल के राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) रूपक कुमार को 10 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी कर्मचारी पर जमीन के दाखिल-खारिज (मोटेशन) मामले को जानबूझकर लटकाने और उसे निपटाने के एवज में अवैध राशि मांगने का गंभीर आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रखंड और अंचल कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और कई अन्य कर्मचारी मौका पाकर खिसक गए।

दाखिल-खारिज के नाम पर काट रहा था चक्कर, 12 हजार में तय हुआ था सौदा

पूरा मामला जमीन से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, श्रीनगर प्रखंड के चनका पंचायत (वार्ड संख्या-10) के रहने वाले उमेश कुमार महतो ने अपनी पत्नी पुष्पा देवी के नाम दर्ज 4 डिसमिल 35 धूर जमीन के दाखिल-खारिज के लिए बीते 2 मई को ऑनलाइन आवेदन दिया था। आरोप है कि उचित दस्तावेज होने के बावजूद राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार काम आगे नहीं बढ़ा रहा था और पीड़ित को लगातार कार्यालय के चक्कर लगवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी ने पहले 15 हजार रुपये की डिमांड की थी, लेकिन काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 12 हजार रुपये में तय हुआ था।

तंग आकर पीड़ित ने विजिलेंस को दिए थे ऑडियो-वीडियो साक्ष्य

राजस्व कर्मचारी की बार-बार की जा रही पैसों की मांग से तंग आकर उमेश कुमार महतो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। उन्होंने 24 मई को पटना स्थित विजिलेंस कार्यालय में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए उन्होंने आरोपी कर्मचारी के साथ हुई बातचीत के ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी विजिलेंस अधिकारियों को सौंपे। ब्यूरो द्वारा मामले के प्राथमिक सत्यापन और साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष धाबा दल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया।

सादे लिबास में तैनात थी टीम, रुपये जेब में रखते ही दबोचा

तय योजना के मुताबिक, सोमवार को आरोपी कर्मचारी रूपक कुमार ने शिकायतकर्ता उमेश महतो को के.नगर अंचल कार्यालय में रिश्वत की पहली किस्त लेकर बुलाया था। शिकायतकर्ता जैसे ही कैमिकल लगे 10 हजार रुपये लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे, विजिलेंस की टीम भी सादे कपड़ों में आम जनता की तरह वहां पहले से मुस्तैद हो गई। जैसे ही उमेश ने रुपये राजस्व कर्मचारी को थमाए और उसने राशि अपनी जेब में रखी, वैसे ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। विजिलेंस के डीएसपी राजेंद्र प्रसाद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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