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Tuesday, April 28, 2026

झारखंड कोषागार घोटाला: ‘बड़ी मछलियों’ को बचाने के लिए कमेटियों का खेल खेल रही सरकार— प्रतुल शाहदेव

रांची । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य में सामने आए कथित कोषागार (ट्रेजरी) घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार जांच के नाम पर “समिति दर समिति” बनाकर 10,000 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले को दबाने की सुनियोजित साजिश रच रही है।

वित्त मंत्री से सीधा सवाल: कहाँ गए 10,000 करोड़?
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को घेरा। उन्होंने मांग की कि सरकार को सार्वजनिक रूप से यह बताना चाहिए कि राज्य के खजाने से गायब बताए जा रहे 10,000 करोड़ रुपये आखिर कहाँ गए? क्या यह राशि सीधे तौर पर ट्रेजरी घोटाले का हिस्सा है?

जांच को भटकाने का आरोप: SIT और CID पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने जांच की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए:
रिपोर्ट दबाने की कोशिश: वित्त विभाग की प्रारंभिक समिति (ज्योति झा के नेतृत्व में) ने बोकारो में एसपी के नाम पर 16 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का खुलासा किया था। आरोप है कि इस रिपोर्ट को दबाने के लिए दूसरी कमेटी बना दी गई।
SIT का मायाजाल: शाहदेव के अनुसार, पुरानी कमेटियों का नई एसआईटी में विलय करना केवल सच्चाई छिपाने की रणनीति है।
अधिकारियों के प्रभाव का डर: सीआईडी द्वारा आईजी (मानवाधिकार) के नेतृत्व में एसआईटी गठन पर उन्होंने कहा कि जब एक आईजी जांच करेंगे, तो उनके अधीनस्थ अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगे।

‘सिपाही नहीं, असली गुनहगारों पर हो वार’
शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल होमगार्ड जवानों, सिपाहियों और लेखापालों को बलि का बकरा बना रही है, जबकि घोटाले के पीछे बैठे “बड़े चेहरे” सुरक्षित हैं। उन्होंने बोकारो एसपी को अचानक हटाए जाने और सीआईडी जांच में हुई देरी को भी संदेहास्पद बताया।

CBI और ED जांच की मांग
भाजपा ने स्पष्ट किया कि राज्य की एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। प्रतुल शाहदेव ने मांग की “चूंकि इस घोटाले के तार बहुत गहरे हैं, इसलिए इसकी जांच तत्काल CBI और ED को सौंपी जानी चाहिए। बिना केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप के ‘बड़ी मछलियों’ तक पहुंचना नामुमकिन है।”

प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

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