रांची । झारखंड के बहुचर्चित ग्रामीण विकास विभाग टेंडर घोटाला मामले में आरोपी कार्यपालक अभियंता राम पुकार राम ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है।
जमानत की शर्तें: विशेष अदालत ने राम पुकार राम को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। साथ ही, उन पर बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की कड़ी शर्त भी लगाई गई है।
सभी 15 आरोपियों को समन: ED की चार्जशीट में नामजद सभी 15 आरोपियों को अदालत ने समन जारी किया है। इन सभी पर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। ED की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं:
भारी नकदी की बरामदगी: 6 मई 2024 को ED की छापेमारी में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के घर से 32.2 करोड़ रुपये नकद मिले थे।
डायरी में कमीशन का खेल: जांच एजेंसी ने एक डायरी भी जब्त की थी, जिसमें कथित तौर पर टेंडर के बदले लिए गए कमीशन के लेन-देन का पूरा हिसाब दर्ज है।
मुख्य आरोपी: मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके ओएसडी संजीव लाल और जहांगीर आलम के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
पृष्ठभूमि: टेंडर घोटाले में अब तक कई आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया है। राम पुकार राम पर विभाग में रहते हुए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने का आरोप है, जिसकी जांच ED सघनता से कर रही है।

