रांची । झारखंड के चर्चित शराब घोटाले के मुख्य आरोपितों में से एक, शराब कारोबारी नवीन केडिया को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने केडिया की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सशर्त बेल प्रदान कर दी।
कड़ी शर्तों के साथ मिली आजादी
अदालत ने नवीन केडिया को जमानत देने के साथ ही कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं:
बेल बॉन्ड: निचली अदालत में 5 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जमा करना होगा।
पासपोर्ट: आरोपित को अपना पासपोर्ट निचली अदालत में सरेंडर करना होगा।
उपस्थिति: जांच अधिकारी (IO) द्वारा बुलाए जाने पर उन्हें सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
संपर्क विवरण: केडिया को अपना सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी कोर्ट को उपलब्ध कराना होगा।
जमानतदार: बेलर का उनका निकट संबंधी होना आवश्यक है।
कोर्ट में हुई तीखी बहस
सुनवाई के दौरान नवीन केडिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवाशीष भारूका ने पक्ष रखा। वहीं, एसीबी (ACB) की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने जमानत का कड़ा विरोध किया। सरकारी पक्ष का तर्क था कि शराब घोटाले में केडिया की सीधी संलिप्तता है और उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, दोनों पक्षों को सुनने और केस डायरी के अवलोकन के बाद अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
क्या है मामला?
नवीन केडिया पर पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान झारखंड में घटिया गुणवत्ता वाली देसी शराब की आपूर्ति करने का आरोप है। इस मामले में वे लंबे समय तक फरार रहे थे। 7 जनवरी 2026 को उन्हें गोवा से गिरफ्तार किया गया था। गोवा की अदालत ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड के बजाय 12 जनवरी तक रांची एसीबी के समक्ष आत्मसमर्पण करने की मोहलत दी थी, लेकिन उन्होंने सरेंडर नहीं किया। इससे पहले केडिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की कोशिश की थी, जिसे अदालत ने नियमों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहाँ से अब उन्हें राहत मिली है।

