पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) । हिंदू जनजागृति समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) से मुलाकात कर देश की विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई। समिति ने एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न और उन पर बनाए जा रहे अनुचित धार्मिक दबाव की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
कार्यस्थलों पर गंभीर प्रताड़ना का आरोप
ज्ञापन के माध्यम से समिति ने प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा कि महाराष्ट्र के नासिक समेत देश के कई शहरों की कंपनियों से गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। आरोप है कि महिला कर्मचारियों को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उनके साथ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार भी हो रहा है।
समिति के अनुसार, कुछ चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जहाँ महिला कर्मचारियों पर उनकी इच्छा के विरुद्ध खान-पान और जीवनशैली से जुड़े बदलाव करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया गया है।
आवाज उठाने पर अनदेखी की शिकायत
समिति की प्रतिनिधि रंजना वर्मा ने कहा कि जब पीड़ित महिलाएं इस दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाती हैं, तो प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।
प्रशासन से की गई मुख्य मांगें:
निष्पक्ष जांच: देश के विभिन्न हिस्सों से मिल रही इन शिकायतों की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।
सुरक्षित वातावरण: उपायुक्त इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएं ताकि कंपनियों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके।
हिंदू जनजागृति समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वह कार्यस्थलों पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित कराए।

