रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तमाड़ थाने में दर्ज एफआईआर के माध्यम से एक बड़े अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के सरगनाओं और अभ्यर्थियों समेत कुल 166 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रमुख खुलासे: एजेंसी से हुई थी पेपर की चोरी
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र सीधे संचालन एजेंसी से चोरी किया गया था।
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व्हाट्सएप के जरिए वितरण: पटना निवासी आरोपी विकास कुमार के मोबाइल से पुलिस को व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र मिला है। विकास ने पूछताछ में बताया कि ‘चुनचुन’ नामक व्यक्ति ने एजेंसी से पेपर चोरी कर उसे भेजा था।
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अर्धनिर्मित कॉलेज बना ‘रटाई केंद्र’: तमाड़ के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर प्रश्न पत्र के उत्तर याद करवाए जा रहे थे।
करोड़ों का काला खेल: 10 लाख में हुआ था सौदा
सॉल्वर गैंग ने इस जालसाजी के लिए अभ्यर्थियों के साथ बड़ी डील की थी:
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एडवांस वसूली: गैंग ने 159 अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे, जो कुल 4.77 करोड़ रुपये होते हैं।
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कुल डील: प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। शेष 7 लाख रुपये परिणाम आने के बाद दिए जाने थे।
ठेकेदार और कॉलेज मालिक की मिलीभगत
जांच में पाया गया कि यह पूरी साजिश एक महीने पहले ही रची जा चुकी थी।
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लॉजिस्टिक्स और व्यवस्था: तमाड़ नर्सिंग कॉलेज के ठेकेदार और मालिक ने गैंग से मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों के ठहरने और खाने-पीने का इंतजाम किया था।
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परिवहन: अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने के लिए गैंग ने अपनी निजी गाड़ियों के साथ-साथ कई गाड़ियाँ किराए पर भी ली थीं।

