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Saturday, May 30, 2026

सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइनुद्दीन हत्याकांड का खुलासा, तेलंगाना कांग्रेस उपाध्यक्ष मुजाहिद आलम गिरफ्तार

हैदराबाद । हैदराबाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता (वरीय वकील) ख्वाजा मोइनुद्दीन की नृशंस हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रचने के आरोप में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के उपाध्यक्ष मुजाहिद आलम खान समेत उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हत्या कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर में बेशकीमती वक्फ संपत्तियों पर कब्जे और उनके मालिकाना हक को लेकर चल रहे एक लंबे कानूनी विवाद से जुड़ी एक बेहद सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

हिट-एंड-रन नहीं, सुनियोजित तरीके से एसयूवी से मारी गई थी टक्कर

घटनाक्रम के मुताबिक, आगामी 23 मई की सुबह जब सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइनुद्दीन तैराकी (स्विमिंग) के लिए अपने घर से बाहर निकले थे, तभी मसाब टैंक स्थित उनके आवास के बाहर एक तेज रफ्तार एसयूवी कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर इसे सामान्य ‘हिट-एंड-रन’ (टक्कर मारकर भागने) का सड़क हादसा माना जा रहा था। हालांकि, जब विशेष जांचकर्ताओं ने गहन पड़ताल शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल के पास से ऐसे कई पुख्ता वैज्ञानिक सबूत मिले, जिनसे यह साफ हो गया कि यह टक्कर जानबूझकर और वकील की जान लेने की नीयत से मारी गई थी।

सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस से खुली 15 लाख की ‘सुपारी’ की साजिश

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) वी. सी. सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में एक हरे रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को अधिवक्ता के घर के पास काफी देर तक इंतजार करते और फिर योजनाबद्ध तरीके से उन पर गाड़ी चढ़ाकर भागते हुए देखा गया। तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने साजिशकर्ताओं की पहचान की। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस हत्या की पूरी पटकथा मुजाहिद आलम खान और उनके पिता महबूब आलम खान ने रची थी, क्योंकि वक्फ ट्रिब्यूनल में एडवोकेट मोइनुद्दीन की मजबूत कानूनी पैरवी के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण संपत्तियों से हाथ धोना पड़ रहा था। आरोपियों ने वकील को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की बड़ी सुपारी (कांट्रैक्ट किलिंग) देकर भाड़े के अपराधियों का एक नेटवर्क तैयार किया था।

हरियाणा से गिरफ्तार हुआ मुख्य शूटर, कैश और स्कॉर्पियो बरामद

इस ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस को पहली बड़ी सफलता तब मिली जब तकनीकी इनपुट्स के आधार पर मुख्य आरोपी किशन उर्फ पप्पू को हरियाणा के पानीपत से दबोचा गया। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया कि पिछले कई महीनों से वकील की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए रेकी (निगरानी) की जा रही थी। इस खुलासे के बाद हैदराबाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर लॉजिस्टिक्स संभालने, गाड़ी चलाने और साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में नकद बरामद किया है। मामले में फरार अन्य अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

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