रंगदारी और दुकानदारों में खौफ पैदा करने के लिए की थी फायरिंग; स्वर्णरेखा नदी किनारे से हथियार बरामद
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर): साकची थाना क्षेत्र के बंगाल क्लब रोड स्थित ‘अभिषेक जुबली चाय दुकान’ के पास हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य आरोपित विपिन शुक्ला (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक अवैध देसी पिस्तौल और मैगजीन भी बरामद कर ली गई है।
बस स्टैंड के पास से दबोचा गया आरोपित; झाड़ियों में छिपाया था हथियार
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी डीएसपी सुधीर कुमार महतो ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया:
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घटना: 19 जून की रात करीब 10 बजे बंगाल क्लब रोड पर एक युवक ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस ने मौके से 7.65 एमएम का एक खोखा बरामद किया था।
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टीम का गठन: मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर 21 जून को आरोपित विपिन शुक्ला (निवासी- टुइलाडुंगरी, गोलमुरी) को उस समय दबोच लिया, जब वह सीतारामडेरा बस स्टैंड की तरफ भागने की फिराक में हाथीघोड़ा मंदिर के पास से गुजर रहा था।
कुख्यात प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े हैं तार
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार विपिन शुक्ला का पारिवारिक और आपराधिक इतिहास काफी पुराना है:
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विपिन शुक्ला जमशेदपुर के चर्चित अपराधी दशरथ शुक्ला का सगा भाई है।
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दशरथ शुक्ला पूर्व में मिराज सिनेमा के मालिक हरीश सिंह पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग मामले में मुख्य आरोपित रहा है।
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दशरथ का संबंध धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और जेल में बंद सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़ा रहा है। वह संगठित अपराध और रंगदारी के मामले में जेल भी काट चुका है और हाल ही में बाहर आया था।
गोविंदपुर और साकची पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि इस फायरिंग के पीछे क्या जेल से किसी बड़े गिरोह का निर्देश था या विपिन अपने भाई के नाम पर स्वतंत्र रूप से रंगदारी का नया सिंडिकेट खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है।
