32.1 C
Kolkata
Friday, July 17, 2026

जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

नई दिल्ली। पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के बरेली से दो शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपित प्रतिष्ठित विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर देश के बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।

पीड़िता से ठगे 1.63 लाख, मनी ट्रेल से पकड़े गए आरोपी

पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने जापान में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे 1.63 लाख रुपये ठग लिए हैं। आरोपित खुद को भर्ती सलाहकार और जापान की नामी कंपनियों के अधिकारी बताकर संपर्क करते थे। इस शिकायत पर 22 दिसंबर 2025 को पूर्वी जिला साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत ई-एफआईआर संख्या 140/25 दर्ज की गई।

पुलिस ने जब ठगी की रकम के लेनदेन (मनी ट्रेल) की पड़ताल की, तो पता चला कि रकम कई बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी। इसमें से बरेली निवासी 22 वर्षीय कुश भटनागर के खाते में 1.27 लाख रुपये और उसके सह-आरोपित 23 वर्षीय अमित के खाते में 14,850 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने बरेली में छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया।

टोयोटा और निप्पॉन स्टील जैसी बड़ी कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा

पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों देशभर के नौकरी तलाशने वाले युवाओं को निशाना बनाने वाले एक संगठित साइबर गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। ये आरोपित नामी नौकरी पोर्टलों (Job Portals) से युवाओं का डाटा चुराते थे और फिर उन्हें जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों, जैसे टोयोटा (Toyota) और निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन (Nippon Steel Corporation) के नाम से फर्जी ई-मेल भेजते थे। युवाओं को झांसे में लेने के लिए ये फर्जी इंटरव्यू भी आयोजित करते थे और फिर वीजा, दस्तावेज सत्यापन, दूतावास मंजूरी व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते थे।

डिजिटल साक्ष्य बरामद, पुलिस की अपील

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी भर्ती से जुड़े ई-मेल खातों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की जांच और छापेमारी जारी है।

इस बीच, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी और भर्ती एजेंसी की सत्यता की जांच अवश्य कर लें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

Related Articles

नवीनतम लेख