नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए जघन्य आतंकी हमले की आज पहली बरसी है। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया (X) के माध्यम से पीड़ितों को याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
“आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा भारत” – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए भयावह हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को राष्ट्र कभी नहीं भुला पाएगा। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत शोक और संकल्प में एकजुट है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे और देश आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने नहीं झुकेगा।
शून्य-सहिष्णुता की नीति रहेगी जारी
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस हमले को “कायरतापूर्ण और क्रूर कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य शांति और एकता के मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकते।
गृहमंत्री अमित शाह ने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा कि इस हमले का दर्द हर भारतीय के दिल में है। उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार आतंकवाद और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य-सहिष्णुता) की नीति पर मजबूती से कायम रहेगी।
क्या हुआ था 22 अप्रैल 2025 को?
गौरतलब है कि पिछले वर्ष आज ही के दिन (22 अप्रैल, 2025) पहलगाम की बेसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ के आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस सांप्रदायिक हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

