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Thursday, May 7, 2026

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: ‘आतंकी ठिकानों के लिए अब पाकिस्तान में कोई जगह सुरक्षित नहीं’ – भारतीय सेना

जयपुर । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ हुंकार भरी है। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई रणनीतिक नीति की शुरुआत है। जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना, वायुसेना और नौसेना के आला अधिकारियों ने दो टूक कहा कि अब सीमा पार कोई भी आतंकी ठिकाना भारत की पहुंच से दूर नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी उपलब्धियां
प्रेस वार्ता के दौरान सैन्य अधिकारियों ने पिछले वर्ष की गई इस बड़ी कार्रवाई के आंकड़े साझा किए:
आतंकी ठिकानों का खात्मा: पाकिस्तान के 09 प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
वायुसेना की बड़ी चोट: दुश्मन के 11 एयरफील्ड तबाह किए गए और 13 विमानों को मार गिराया गया (जिसमें एक एयर वार्निंग विमान भी शामिल था)।
आतंकियों का सफाया: इन हमलों में 100 से अधिक आतंकी मारे गए। बाद में हुई झड़पों में पाकिस्तान के 100 से अधिक सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई।

सैन्य नेतृत्व का कड़ा संदेश
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ):
उन्होंने दुष्यंत कुमार की पंक्तियों “सिर्फ हंगामा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए” के जरिए भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत आज सेना 65% स्वदेशी उपकरणों का उपयोग कर रही है, जिससे हमारी मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है।

एयर मार्शल अवधेश कुमार (DG एयर ऑपरेशन):
उन्होंने बताया कि 7 मई 2025 की सुबह की गई कार्रवाई बेहद सटीक थी। भारत ने दिखा दिया कि जब संयम को कमजोरी समझा जाता है, तब निर्णायक प्रहार जरूरी हो जाता है। उन्होंने गर्व से कहा कि इस पूरे अभियान में भारत के किसी भी सैन्य या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद (DG नेवल ऑपरेशन):
नौसेना की सक्रियता ने पाकिस्तान की नौसैनिक इकाइयों को उनके बंदरगाहों तक ही सीमित रहने पर मजबूर कर दिया। यह तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का परिणाम था।

भविष्य की रणनीति: अब एआई (AI) से होगा मुकाबला
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने तकनीकी मजबूती पर जोर देते हुए बताया कि सेना अब ‘एआई आधारित डिफेंस स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन डिवीजन’ स्थापित कर रही है। यह डिवीजन रीयल-टाइम में दुश्मन के दुष्प्रचार और फेक न्यूज का मुकाबला करेगा।

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