रांची : ग्रांट थोरंटोन भारत एलएलपी द्वारा जीआईजेड के सहयोग से बुधवार को रांची के एक स्थानीय होटल में एमएसएमई सपोर्ट एंड इंगेजमेंट फ्रेमवर्क पर राज्य स्तरीय अंतरिम वैलिडेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए।
चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि एमएसएमई इकाइयाँ इंडस्ट्री-रेडी मैनपावर की कमी से जूझ रही हैं, विशेषकर माइनिंग सपोर्ट सर्विसेज, फैब्रिकेशन, मैकेनिकल मेंटेनेंस एवं इलेक्ट्रिकल ट्रेड्स में। राज्य में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होने के बावजूद, प्रैक्टिकल और शॉप-फ्लोर आधारित स्किल्स की कमी के कारण एमएसएमई को दोबारा प्रशिक्षण पर समय और संसाधन खर्च करने पड़ते हैं, जो छोटे उद्यमों के लिए चुनौतीपूर्ण है। यह भी कहा कि झारखंड को एक क्लस्टर-आधारित स्किलिंग अप्रोच अपनाने की आवश्यकता है, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला स्तर की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप हों, न कि एक समान राज्य-स्तरीय पाठ्यक्रम पर आधारित। उद्योगों को पाठ्यक्रम निर्माण, अप्रेंटिसशिप योजना और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग फ्रेमवर्क में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए। एमएसएमई अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों में भाग लेने को तैयार हैं, बशर्ते कम्प्लायंस प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
चैम्बर अध्यक्ष ने प्रशिक्षित मानव संसाधन के पलायन पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद अन्य राज्यों में हो रहा माइग्रेशन एक बड़ी चुनौती है, जिसे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाकर ही रोका जा सकता है। कार्यशाला में विभिन्न संगठनों, एजेंसियों एवं स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया और अध्ययन के प्रारंभिक निष्कर्षों पर अपने सुझाव दिए। इस पहल का उद्देश्य राज्य में एक मजबूत, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ एमएसएमई इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इस अवसर पर चैम्बर के स्किल डेवलपमेंट उप समिति चेयरमैन अलोक कुमार भी उपस्थित थे।


