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Thursday, April 23, 2026

ग्लोबल मार्केट में ‘क्रूड ऑयल’ का धमाका: ब्रेंट क्रूड $105 के पार, ईरान-अमेरिका तनाव से बिगड़े हालात

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और कूटनीतिक गतिरोध का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। सप्लाई चेन बाधित होने के डर से ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) उछलकर 105.86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है।

कीमतों में जोरदार उछाल
आज बाजार खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी गई:
ब्रेंट क्रूड: $101.66 से शुरुआत कर $105.86 के उच्चतम स्तर को छुआ। सुबह 9:15 बजे तक यह 1.80% की तेजी के साथ $103.76 पर कारोबार कर रहा था।
WTI क्रूड: वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी $97.22 प्रति बैरल तक जा पहुंचा। सुबह यह 2.13% की बढ़त के साथ $94.97 के स्तर पर बना हुआ था।

क्यों सुलग रहा है तेल बाजार?
कच्चे तेल की इस आग के पीछे ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में जारी तनाव मुख्य कारण है:
सप्लाई ठप: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टलने से इस प्रमुख समुद्री रास्ते से होने वाली तेल सप्लाई लगभग बंद है।
जहाजों पर फायरिंग: बुधवार को ओमान के पास ईरानी गनबोट्स द्वारा मालवाहक जहाजों पर की गई फायरिंग ने वैश्विक बाजार में डर पैदा कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर की बात तो कही है, लेकिन नाकाबंदी जारी रखने के फैसले से तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है।

भविष्य की चिंता
जानकारों का मानना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में राहत मिलने के आसार कम हैं। फारस की खाड़ी से होने वाली ऑयल और गैस सप्लाई में भारी गिरावट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता की घंटी बजा दी है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचा, तो कच्चे तेल की कीमतें $110 के पार भी जा सकती हैं।

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