काठमांडू । नेपाल में भारतीय केले के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देश के बाजारों से न केवल केला गायब हो रहा है, बल्कि इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। काठमांडू के खुदरा बाजारों में केले की कीमत 350 रुपये प्रति दर्जन तक पहुँच गई है, जिससे आम उपभोक्ता हतप्रभ हैं।
आयात पर रोक और आपूर्ति में भारी कमी
नेपाल सरकार द्वारा भारतीय केले के आयात पर रोक लगाए जाने के बाद बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। स्थानीय उत्पादन मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण कीमतों में यह ‘असामान्य’ उछाल देखा जा रहा है।
बंद होने लगीं थोक दुकानें
आपूर्ति ठप होने का असर केवल उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि व्यापारियों पर भी पड़ा है। काठमांडू की प्रसिद्ध ‘कुलेश्वर फल मंडी’ के कई थोक व्यापारियों ने स्टॉक न होने के कारण अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। फल व्यवसायी दिलीप राउत के अनुसार, “स्थानीय उत्पादन से मांग पूरी नहीं हो रही है। दुकान चलाना और खर्च निकालना भी अब मुश्किल हो गया है।”
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
बाजार विशेषज्ञों और व्यापारियों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं। फिलहाल, मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की थाली से यह पौष्टिक फल पूरी तरह दूर होता नजर आ रहा है।

