रांची | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और लंबित फ्लाईओवर परियोजनाओं की प्रगति की जांच करना था।
फ्लाईओवर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने सिरमटोली से कांटाटोली को जोड़ने वाले ‘कनेक्टिंग फ्लाईओवर’ की प्रगति पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
भू-अर्जन में तेजी: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भू-अर्जन (Land Acquisition) से जुड़ी सभी बाधाओं को जल्द दूर कर निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ाई जाए।
नई परियोजना: बैठक में करमटोली से साइंस सिटी (चिरौंदी) तक प्रस्तावित फ्लाईओवर योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई और सीएम ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ट्रैफिक सुधार: बंद होंगे सड़कों के अनावश्यक कट्स
मुख्यमंत्री ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों से कहा कि रांची की सड़कों पर बने अनावश्यक डिवाइडर कट्स को चिन्हित कर बंद किया जाए। सीएम ने कहा कि रांचीवासियों को जाम से मुक्ति दिलाना और बेहतर ट्रैफिक सुविधा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा: बदला रुख?
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री का डिवाइडर कट्स बंद करने का निर्देश अब चर्चा का विषय बन गया है।
पुरानी यादें: वर्ष 2017 में जब तत्कालीन रघुवर दास सरकार ने सुरक्षा और ट्रैफिक के नाम पर डिवाइडर कट्स बंद करवाए थे, तब झामुमो (जो उस समय मुख्य विपक्षी दल था) ने इसका पुरजोर विरोध किया था। झामुमो ने इसे आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम बताया था।
बदली भूमिका: आज वही झामुमो सरकार में है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसी तर्ज पर कट्स बंद करने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से अक्सर दलों के स्टैंड बदल जाते हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा, मुख्य अभियंता विजय रंजन और उप सचिव विक्रम प्रताप सिंह समेत कई आला अधिकारी उपस्थित थे।

