नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले 5 से 6 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दलों को पहले से तैनात किया गया है।
दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में बुधवार सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। रात में भी कई इलाकों में वर्षा जारी रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 30 और 31 जुलाई को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात में अधिक बारिश की चेतावनी
उत्तरी ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के ऊपर बने गहरे दबाव के प्रभाव से 29 जुलाई को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश, 30 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा 31 जुलाई को गुजरात के कुछ हिस्सों में बहुत अधिक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में भी अगले 5 से 6 दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। लगातार बारिश से बाढ़, जलभराव, यातायात बाधित होने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
सरकार और बचाव एजेंसियां सतर्क
संभावित प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, अस्थायी शिविर और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
24 घंटे में कई राज्यों में हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा और उत्तराखंड में बहुत अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश हुई। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में भी भारी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर घर जलमग्न हो गए हैं, जान-माल का नुकसान हुआ है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
