पलामू । झारखंड में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकांश क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल भले ही शांत पड़ गई हो, लेकिन हुसैनाबाद नगर पंचायत का चुनाव परिणाम अब भी विवादों और कानूनी चुनौतियों के कारण चर्चा में बना हुआ है। नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित अजय कुमार भारती के निर्वाचन को न्यायालय में चुनौती दिए जाने के बाद स्थानीय राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष के अलावा वार्ड पार्षद सुनील कुमार चौधरी और सरवरी बीवी के निर्वाचन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
चुनाव प्रक्रिया, मतगणना और नामांकन के दौरान दाखिल शपथ पत्र में कथित तथ्यों को छुपाने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रही उषा देवी ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पुनर्मतगणना की मांग की थी। जानकारी के अनुसार वे महज 60 मतों से पराजित हुई थीं। आरोप है कि उनकी पुनर्गणना की मांग पर निर्वाची पदाधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने निर्वाचन न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय कुमार भारती ने नामांकन के समय दाखिल शपथ पत्र में कई महत्वपूर्ण जानकारियां अधूरी या गलत प्रस्तुत कीं। आरोप के अनुसार उनका पैतृक गांव हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत पोलडीह पंचायत में स्थित है, जहां खाता संख्या-52, प्लॉट संख्या-310 में लगभग एक बीघा कृषि भूमि मौजूद है। हालांकि शपथ पत्र में भूमि का उल्लेख किया गया, लेकिन संबंधित मौजा का नाम दर्ज नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि अजय भारती वर्ष 2010 में हुसैनाबाद दक्षिणी जिला परिषद क्षेत्र से पंचायत चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि ग्रामीण पंचायत क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति बाद में नगर पंचायत क्षेत्र का मतदाता बनकर शहरी निकाय चुनाव कैसे लड़ सकता है।
चुनाव याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि अजय भारती ने अपनी पत्नी कलावती देवी को शपथ पत्र में गृहिणी बताया, जबकि वे देवरी कला पंचायत के कुसुआ गांव में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान का संचालन करती हैं। याचिका में उनका लाइसेंस संख्या 04/2004 होने का दावा किया गया है। आरोप यह भी है कि कुसुआ गांव स्थित मकान और जमीन का विवरण शपथ पत्र में नहीं दिया गया, जबकि पूरा परिवार वहीं निवास करता है।
याचिका में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि अजय भारती ने अपने विरुद्ध दर्ज सभी आपराधिक मामलों का विवरण शपथ पत्र में नहीं दिया। बताया गया है कि उन्होंने लेस्लीगंज थाना कांड के एक मामले का उल्लेख तो किया, लेकिन हुसैनाबाद थाना कांड संख्या-114/2014 को शपथ पत्र में शामिल नहीं किया। यह मामला डालटनगंज न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है, जिसमें अजय भारती अभियुक्त हैं। संबंधित जीआर केस संख्या 1687/2014 की अगली सुनवाई 26 मई 2026 को निर्धारित है।

