पश्चिमी सिंहभूम । दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों का समय पालन (Punctuality) बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मवेशियों के ट्रैक पर आने और बेवजह चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं ने रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसके मद्देनजर रेलवे ने परिचालन में कई बड़े बदलाव किए हैं।
मवेशियों के कारण 11 घंटे से ज्यादा की देरी
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 के बीच मवेशियों के ट्रैक पर आने से कुल 11 घंटे 19 मिनट का विलंब दर्ज किया गया। इससे 24 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सबसे ज्यादा असर टाटा-झारसुगुड़ा और नुआगांव-राउरकेला रेल खंड पर देखा गया।
चेन पुलिंग करने वालों पर शिकंजा: 297 मामले दर्ज
अनावश्यक चेन पुलिंग के खिलाफ रेलवे ने सख्त रुख अपनाया है। जनवरी 2026 से अब तक कुल 297 मामले दर्ज किए गए। 276 लोगों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई। अकेले मार्च के महीने में 141 मामलों में 99 गिरफ्तारियां हुईं।
ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित (14 से 19 अप्रैल)
परिचालन को सुचारू करने के लिए रेलवे ने निम्नलिखित बदलाव किए हैं:
रद्द ट्रेनें: आद्रा-आसनसोल, आद्रा-मिदनापुर और बोकारो-चंद्रपुरा मेमू ट्रेनें 19 अप्रैल तक रद्द रहेंगी।
मार्ग परिवर्तन: टाटा-हटिया एक्सप्रेस अब अपने नियमित मार्ग के बजाय सीनी-गुंडा बिहारी-मुरी होकर चलेगी।
स्पेशल ट्रेन: यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पुणे-सांतरागाछी-पुणे समर स्पेशल चलाने की घोषणा की गई है।
रेलवे प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे पटरियों के पास मवेशी न छोड़ें और आपात स्थिति के बिना चेन पुलिंग न करें, क्योंकि यह न केवल दंडनीय अपराध है बल्कि हजारों यात्रियों की परेशानी का कारण भी बनता है।

