चाईबासा / पश्चिमी सिंहभूम| चाईबासा शहर के बांधपाड़ा निवासी और विधिक जगत के जाने-माने चेहरे, वरिष्ठ दलील लेखक भवतोष राय का सोमवार सुबह जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही चाईबासा और आसपास के पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अपने सरल स्वभाव, सौम्य व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे वकीलों, मुवक्किलों और आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। विधिक क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को लेकर हर वर्ग उन्हें याद कर रहा है।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए पीछे, पुत्रवधू हैं वार्ड पार्षद
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भवतोष राय अपने पीछे एक प्रतिष्ठित और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं:
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बड़े पुत्र: पार्थ सारथी राय (शिक्षक के रूप में कार्यरत)
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छोटे पुत्र: सव्यसाची राय (अधिवक्ता, विधिक क्षेत्र में सक्रिय)
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पुत्रवधू: उपमा राय (चाईबासा नगर परिषद की वार्ड पार्षद व सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता)
परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज चाईबासा स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनके अंतिम सफर में विधिक जगत के दिग्गजों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
अधिवक्ता समुदाय ने बताया ‘अपूरणीय क्षति’
भवतोष राय के आकस्मिक निधन पर स्थानीय अधिवक्ता समुदाय, कई सामाजिक संगठनों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने गहरा दुख प्रकट किया है। शोक व्यक्त करने वालों का कहना है कि उनका जाना चाईबासा के सामाजिक और विधिक क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आसानी से नहीं की जा सकती। निधन की खबर के बाद से ही बांधपाड़ा स्थित उनके आवास पर सांत्वना देने वाले शुभचिंतकों और परिचितों का तांता लगा हुआ है।
