भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में इस बार कोलकाता से आए शिवभक्तों की 300 किलोग्राम वजनी विशाल कांवड़ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उज्जैन के महाकालेश्वर की प्रतिमा और तिरंगा थीम से सजे 100 लीटर के कलश वाली यह कांवड़ शिवभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दे रही है।
कोलकाता के काशीपुर निवासी रघुनाथ राय अपने 25 से 30 साथियों के साथ सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की पैदल यात्रा पर निकले हैं। कांवड़ का वजन अधिक होने के कारण इसे एक बार में चार लोग मिलकर उठाते हैं।
रघुनाथ राय ने बताया कि इस भव्य कांवड़ को बांस, रस्सी, तार और अन्य सामग्रियों से हाथ से तैयार किया गया है। इसे बनाने में लगभग तीन महीने का समय लगा, जबकि अंतिम संरचना तैयार करने में करीब 20 लोगों ने तीन दिन तक लगातार मेहनत की। पूरी तरह तैयार होने के बाद इसका वजन करीब 300 किलोग्राम हो गया।
उन्होंने बताया कि उनका जत्था 10 से 12 अगस्त के बीच बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करेगा। इसके बाद सभी श्रद्धालु बासुकीनाथ धाम जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस पर भूतनाथ से जल लेकर बाबा तारकनाथ के दर्शन और जलाभिषेक का भी कार्यक्रम है। इसी कारण 100 लीटर के कलश को विशेष रूप से तिरंगा थीम पर सजाया गया है।
श्रावणी मेले के कांवरिया पथ पर महाकालेश्वर की प्रतिमा, तिरंगा सजा विशाल कलश और श्रद्धालुओं की अनूठी कांवड़ यात्रा श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
