नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चीन से आयात होने वाले कुछ सीमलेस ट्यूब और पाइप पर लागू एंटी-डंपिंग शुल्क की अवधि जनवरी 2027 तक बढ़ा दी है। इस फैसले का उद्देश्य सस्ते आयात से घरेलू इस्पात उद्योग की सुरक्षा करना और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।
सीबीआईसी ने जारी की अधिसूचना
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार, चीन से आयातित लोहे, मिश्रधातु और गैर-मिश्रधातु इस्पात के सीमलेस ट्यूब, पाइप और खोखले प्रोफाइल पर लागू एंटी-डंपिंग शुल्क की अवधि बढ़ाई गई है।
इन उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क पहली बार 28 अक्टूबर 2021 को लगाया गया था। वर्तमान में यह शुल्क 961.33 डॉलर से 1,610.67 डॉलर प्रति टन के बीच है।
अन्य देशों के उत्पादों पर भी जारी रहेगा शुल्क
सीबीआईसी ने मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका से आयात होने वाले नॉर्मल ब्यूटानॉल (एन-ब्यूटिल अल्कोहल) पर भी एंटी-डंपिंग शुल्क अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इस रसायन का उपयोग पेंट, रसायन, चिपकाने वाले पदार्थ और कोटिंग सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि एंटी-डंपिंग उपायों का उद्देश्य आयात पर रोक लगाना नहीं, बल्कि घरेलू उद्योग को अनुचित मूल्य प्रतिस्पर्धा से बचाना और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था बनाए रखना है।
