पलामू। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने शनिवार को पलामू उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। भाजयुमो की ओर से राज्य के सभी जिलों में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ यह आंदोलन किया गया।
भाजयुमो ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप
प्रदर्शन की अध्यक्षता भाजयुमो पलामू जिला अध्यक्ष डॉ. विपुल गुप्ता ने की, जबकि संचालन राजीव रंजन ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ राज्य के छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मामले पर चुप है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजकर वर्ष 2019 के बाद हुई सभी जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
भाजयुमो ने मांग की कि परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने 14वीं जेपीएससी गड़बड़ी मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही जेपीएससी के तीनों सदस्यों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की भी मांग उठाई।
वक्ताओं ने उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा में मृत छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफा देने की भी मांग की।
कार्यक्रम को नरेंद्र पांडे, दुर्गा जौहरी, विपुल कुमार गुप्ता, विश्वजीत पाठक, राजहंस अग्रवाल, शंभू पासवान और लवली गुप्ता सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।
