रामगढ़ । पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल) औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। कंपनी हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रही है।
बीएफसीएल ने अपने ‘ग्रीन फ्यूचर रोडमैप’ के तहत वर्ष 2026 में 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह 100 पौधों का रोपण किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच उसके परिसर में 1,000 से अधिक पौधे सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं।
कंपनी का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल तकनीकी उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए कर्मचारियों और समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बीएफसीएल अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से पर्यावरण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
प्रबंधन का कहना है कि पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। संगठन के प्रत्येक सदस्य को इसे अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करना चाहिए। इसी सोच के साथ कंपनी पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में लगातार प्रयास कर रही है।
बीएफसीएल की यह पहल न केवल हरित आवरण बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। कंपनी का उद्देश्य औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए सतत विकास के मॉडल को आगे बढ़ाना है।
