जमशेदपुर । मानसून के आगमन से पहले शहर के बड़े नालों की सफाई को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा कराए जा रहे नाला सफाई कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।
मुकुल मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि बरसात से पूर्व कदमा और सोनारी क्षेत्र के प्रमुख नालों की सफाई का कार्य शुरू किया गया है, लेकिन कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों संतोषजनक नहीं हैं। उनका आरोप है कि निविदा की शर्तों के अनुसार जहां 30 मजदूरों की तैनाती होनी चाहिए, वहां निर्धारित संख्या से काफी कम मजदूरों से काम कराया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि सोनारी क्षेत्र में 1 और 2 जून को केवल 17 मजदूर सफाई कार्य में लगे थे, जबकि कदमा क्षेत्र में 3 और 4 जून को महज 19 मजदूरों के सहारे अभियान चलाया गया। उनके अनुसार, यह संविदा की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है और इससे कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुकुल मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि सोनारी क्षेत्र में फिलहाल नाला सफाई का कार्य बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में यदि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार जल्द बारिश शुरू होती है, तो कदमा और सोनारी के निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि समय पर नालों की सफाई पूरी नहीं होने पर कई मोहल्लों को बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
पत्र में जेएनएसी अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि विभागीय उदासीनता और निर्धारित संख्या से कम मजदूरों को लगाकर काम कराने के कारण सफाई अभियान की गति धीमी पड़ गई है। इससे तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा होने को लेकर भी संशय की स्थिति बन गई है।
मुकुल मिश्रा ने उपायुक्त से पूरे मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराने, वास्तविक स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। अब इस मामले में जिला प्रशासन और जेएनएसी की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
