गुवाहाटी। असम में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। राज्य के पांच जिलों में अब भी 1,36,203 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। रविवार को शिवसागर जिले से तीन और शव बरामद होने के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। वहीं, शिवसागर जिले में दो लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ऊपरी असम के चार दिवसीय दौरे पर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं। वह राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के साथ प्रभावित लोगों की समस्याओं का आकलन कर रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री भी विभिन्न जिलों में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ताकि प्रभावितों तक जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
बाढ़ का सबसे अधिक असर ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में देखा गया है, जिनमें शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार नुमलीगढ़ क्षेत्र में धनसिरि नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
राज्य के पांच जिलों के 21 राजस्व मंडलों के 335 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कुल 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव और धेमाजी शामिल हैं।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सरकार ने 39 राहत शिविर और 15 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं। राहत शिविरों में 10,844 लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण कई सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
