रांची। झारखंड पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। अपने आपराधिक नेटवर्क के अलावा वह जेल के भीतर की गतिविधियों को लेकर भी सुर्खियों में रहा था। वर्ष 2022 में गुमला मंडल कारा में बंद रहने के दौरान जेल परिसर में कथित तौर पर पार्टी करने का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
वायरल वीडियो में सुजीत सिन्हा अपने समर्थकों और अन्य बंदियों के साथ जन्मदिन जैसी पार्टी मनाते दिखाई दिया था। वीडियो में केक काटने, खाने-पीने और मोबाइल फोन के इस्तेमाल के दृश्य भी सामने आए थे। इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
जांच में सामने आया कि जेल के भीतर सुरक्षा और निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई थी। आरोप था कि सुजीत सिन्हा को जेल के अंदर मोबाइल फोन तक उपलब्ध था और वह अपने सहयोगियों के साथ स्वतंत्र रूप से गतिविधियां संचालित कर रहा था।
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन जेल आईजी मनोज कुमार ने गुमला मंडल कारा के प्रभारी जेलर समेत चार जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित कर्मियों में सहायक कारापाल कौलेश्वर राम पासवान, उच्च कक्षपाल मोहरा सांगा, दफा इंचार्ज उपेंद्र राय और कक्षपाल मुन्ना साह शामिल थे। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई थी।
इसके अलावा तत्कालीन काराधीक्षक सुनील कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। वहीं अनुबंध पर कार्यरत दो पूर्व सैनिक कर्मियों का अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट में जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई थी।
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुजीत सिन्हा को गुमला मंडल कारा से स्थानांतरित कर केंद्रीय कारा दुमका भेज दिया था। इस पूरे मामले में गुमला थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
