खूंटी । रनिया-सोदे मुख्य पथ पर स्थित खतरनाक सरबो घाटी में मंगलवार सुबह एक बार फिर चीख-पुकार मच गई। सीमेंट से लदा एक 12 चक्का ट्रक ढलान पर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रक के चालक और मजदूरों सहित चार लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।
ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक तोरपा से सीमेंट लेकर सोदे की ओर जा रहा था। सरबो घाटी की तीखी ढलान उतरने के दौरान अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया। वाहन इतना अनियंत्रित था कि पलटने के बाद ट्रक की ट्रॉली उसके चेसिस से टूटकर अलग हो गई।
मजदूर के लिए देवदूत बने स्थानीय लोग
हादसे के बाद एक मजदूर ट्रक के मलबे के नीचे दब गया था। मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार पुलिस बल के साथ पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया भिजवाया। घायलों में बिहार निवासी चालक नवीन कुमार, मजदूर शिशिरण टोपनो और तोड़ना साहू शामिल हैं। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।
एक ही महीने में तीसरी बड़ी दुर्घटना
सरबो घाटी अब राहगीरों के लिए खौफ का पर्याय बनती जा रही है। अप्रैल के महीने में ही यहां यह तीसरा बड़ा सड़क हादसा है:
2 अप्रैल: चावल लदे ट्रक ने दो सगे भाइयों को कुचल दिया था, जिससे दोनों की मौत हो गई थी।
9 अप्रैल: लोहा लदा ट्रेलर पलटने से उपचालक (खलासी) की जान चली गई थी।
28 अप्रैल: आज हुआ सीमेंट ट्रक हादसा।
प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
लगातार हो रही मौतों और हादसों से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरबो घाटी के खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर चेतावनी बोर्ड, रेडियम संकेत और सड़क सुरक्षा दीवार (Crash Barriers) का निर्माण कराया जाए, ताकि बेगुनाहों की जान बचाई जा सके।

