लेबनान में इस्राइली सेना की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने होर्मुज बंद करने का एलान किया। लेबनान में इस्राइली हमलों का हवाला देते हुए सरकारी टीवी पर बयान जारी किया गया। अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि ईरान की तरफ से इस कदम के बाद इलाके में तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें होर्मुज को खोलने और लेबनान में हमले बंद करने की शर्तें थीं। पीस डील पर साइन के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे थे।
ईरान ने इस बार इस ऐलान को काफी गंभीरता से लिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ ईरान के साथ, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तनाव बढ़ सकता है। कई व्यापारिक कंपनियां और देश इस पर नजर बनाए हुए हैं।
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। हालांकि सीजफायर के ऐलान के 8 घंटे बाद ही इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष शुरू हो गया।
