मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने डोभाल के देश सेवा में योगदान की जमकर प्रशंसा की।
शाह ने डोभाल के सुरक्षा योगदान को सराहा
लोकमान्य तिलक की 106वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अजीत डोभाल के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में हुए बम धमाकों के समय डोभाल से चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। गुजरात पुलिस ने देश में हुए 14 बम धमाकों की जांच को सुलझाने में सफलता हासिल की थी।
शाह ने कहा कि 1972 से देश के सामने आए कई संकटों में अजीत डोभाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने पाकिस्तान में छह साल तक कठिन परिस्थितियों में काम किया और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अंतरिक्ष सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उन्होंने कहा कि डोभाल पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ काम कर रहे हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रहे हैं।
लोकमान्य तिलक के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में अमित शाह ने लोकमान्य तिलक और समाज सुधारक अन्नाभाऊ साठे को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक के कार्यों को किसी एक किताब में समेटना संभव नहीं है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में तिलक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गणेशोत्सव और शिव जयंती जैसे आयोजनों के माध्यम से समाज को एकजुट करने और राष्ट्रीय चेतना जगाने का काम किया।
शाह ने तिलक को निडर पत्रकार, कर्मयोगी और राष्ट्रवादी विचारक बताते हुए युवाओं से उनके साहित्य और ‘गीतारहस्य’ का अध्ययन करने की अपील की।
डोभाल ने युवाओं को दिया संदेश
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि युवाओं को आजादी का सही अर्थ समझना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आंतरिक और बाहरी दोनों चुनौतियों का सामना करते हुए तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
